पटना, 24 फरवरी 2016:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद में नगर विकास एवं आवास विभाग के बहुस्तरीय पार्किंग (बुद्धा स्मृति पार्क), लोहानीपुर और खाजेकलां पेयजल आपूर्ति योजनायें, पटना शहर हेतु इलेक्ट्राॅनिक ट्रैफिक लाइट सिस्टम, शेखपुरा एवं जहानाबाद बस टर्मिनस, हाजी इलियास पार्क हाजीपुर का लोकार्पण, ई- नगरपालिका परियोजना का शुभारंभ किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम का संवाद भवन से 140 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से दो महिला स्पेशल बस का भी शुभारंभ किया। इन बसों को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम लिमिटेड द्वारा शहरी क्षेत्रों में परिचालित किया जायेगा। इनके संचालन से बड़े शहरों में नागरिकों को आवागमन में सुविधा प्राप्त होगी और शहर में बढ़ रहे यातायात को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। बसों में महिलाओं एवं विकलांगों के लिये अलग-अलग सीटों का प्रावधान किया गया है। वे बी0आर0-01पी0एफ0- 7605 बिहार राज्य पथ परिवहन महिला स्पेशल बस का निरीक्षण किया तथा पटना से गाॅधी मैदान के लिये पाॅच रूपये में टिकट प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि महिला स्पेशल बस में स्टाफ महिलायें हैं। चालक भी महिला होनी चाहिये, इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने बुडको द्वारा 13.58 करोड़ रूपये की लागत से बुद्धा स्मृति पार्क के निकट 2.16 एकड़ भूमि में निर्मित बहुस्तरीय पार्किंग का लोकार्पण किया। इस पार्किंग में चार मंजिल में 480 कारों की पार्किंग की जा सकेगी। पार्किंग में अत्याधुनिक शौचालय एवं जलापूर्ति व्यवस्था के साथ-साथ लिफ्ट की भी सुविधा होगी। उन्होंने बुडको द्वारा पूर्ण की गयी 89.28 लाख रूपये की लोहानीपुर पेयजल परियोजना, 91.56 लाख रूपये की लागत की खाजेकलां जल परियोजना, 26.07 करोड़ रूपये की पटना में टैफिक लाइट सिस्टम तथा 5.29 करोड़ रूपये की लागत से जहानाबाद बस टर्मिनस निर्माण योजना का भी लोकार्पण किया। उन्होंने नगर विकास एवं आवास विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ई-म्यूनिसपेलिटी का भी शुभारंभ किया।
इस अवसर पर एक महती सभा को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नगर विकास एवं आवास विभाग की समेकित कार्यक्रम, जिसमें बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड एवं बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के कार्यक्रम में उपस्थित होकर खुशी हो रही है। एक ही साथ कई योजनाओं का शुभारंभ हुआ है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 140 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है, जिसमें दो महिला स्पेशल बस भी शामिल है। महिला स्पेशल बस के महिला कर्मियों के काम करने के तौर तरीके को देखकर खुशी हुयी है। उन्होंने कहा कि महिला स्पेशल बस की संख्या आवश्यकतानुसार बढ़ायी जायेगी। परिवहन विभाग चाहेंगे तो तीन सौ बसों की आपूर्ति और की जा सकेगी। परिवहन विभाग बस परिवहन में सफल होगा। उन्होंने कहा कि हम छात्र जीवन से ही देखते आ रहे हैं कि शहर के अंदर बस चलती थी। जब हम पहली बार विधायक बनें तो विधायक क्लब से विधानमण्डल परिसर तक बस से जाते थे। यह व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो गयी, इसको फिर से चालू करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना शहर में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। धूल-कण के मात्रा में वृद्धि और शोर प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण हैं। प्रदूषण को रोकने के लिये नगर विकास विभाग एवं परिवहन विभाग की बैठक में ठोस निर्णय लिये गये थे। शहर में बालू को ढ़ोने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि बिहार ही एक ऐसा प्रदेश है, जहाॅ लोग हाॅर्न के सहारे ड्राइविंग करते हैं, अनावश्यक हाॅर्न बजाते रहते हैं, इस पर रोक लगाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहित तमाम काफिले के साथ जो सायरन बजता है, उसे बंद किया गया है। महामहिम राज्यपाल एवं मुख्य न्यायाधीश के काफिले में ही सायरन बजेगा। एम्बुलेंस को सायरन बजाने से छूट दी गयी है। उन्होंने कहा कि आज हूटर स्टेट्स सिम्बल हो गया है। आज जगह-जगह टैफिक जाम हो रहा है। फ्लाई ओवर के बनने के बाद भी टैफिक जाम का मुख्य कारण वाहनों की संख्या में रोज वृद्धि है। कार्बन एमिशन बढ़ रहा है। प्रदूषण से बचने के लिये निजी वाहनों का परिचालन बंद हो, इसके लिये सार्वजनिक बसों का परिचालन शुरू किया गया है। परिवहन विभाग के द्वारा लंबी दूरी के बसों का भी परिचालन होगा। बिहार से दिल्ली, कोलकाता एवं राॅची के बसों का परिचालन होगा। दरभंगा से रायपुर बस के परिचालन किया जायेगा, इसके लिये आवश्यक है कि सभी बसों में नागरिक सुविधायें उपलब्ध हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सार्वजनिक बसों का उपयोग करें। लोगों की चाहत एवं आवश्यकता के मद्देनजर और सुविधा बढ़ायी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सभी विभागों में महिलाओं के 35 प्रतिशत आरक्षण सुविधा मुहैया कराने के पहले पुलिस विभाग में कांसटेबुल एवं ए0एस0आई0 की नियुक्ति में 35 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि महिला स्पेशल बस में महिला ड्राइवर होने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-म्यूनिसपेलिटी का शुभारंभ किया गया है, जिसके प्रथम चरण में राज्य के ग्यारह नगर निगमों के नागरिकों को आॅनलाइन जन्म प्रमाण पत्र एवं मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा प्राप्त होगी। इन शहरों के नागरिक अपना संपति कर आॅनलाइन जमा करा सकेंगे और भवन निर्माण की अनुमति भी आॅनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इस परियोजना के अन्तर्गत नागरिक सूचना के अधिकार के तहत भी अपना आवेदन आॅनलाइन जमा कर सकेंगे। द्वितीय चरण में दुकान के लाइसेंस, विज्ञापन एवं होर्डिंग लगाने की अनुमति, दुकानों का किराया, पार्किंग इत्यादि की सेवायें भी आॅनलाइन प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने मेयर पटना नगर निगम श्री अफजल इमाम को कहा कि आपके और अधिकारियों के झगड़े प्रतिदिन समाचार पत्रों मंे पढ़कर तंग आ चुका हूॅ। पटना की सफाई पर ध्यान दीजिये। सरकार पैसा दे रही है। संवैधानिक व्यवस्था के कारण नगर निगम ही कार्य कर सकती है। हम तो साधन दे सकते हैं, काम तो पटना नगर निगम को ही करना है। उन्होंने कहा कि जब कोई अतिमहत्वपूर्ण व्यक्ति मुझसे मिलता है और पटना शहर की गंदगी पर ध्यान दिलाता है तो मुझे लगता है कि सारे विकास कार्य पर पानी फिर गया है, यह बहुत दुखद है। सरकार अपने अंतिम अधिकार का प्रयोग भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि मुम्बई नगर निगम कैसे चल रहा है। दूसरा नगर निकाय किस तरह से काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने सात निश्चय को मिशन मोड में लागू करना चाहते हैं। शहर हो या गाॅव हर घर में नल का पानी उपलब्ध कराना है। पेयजल निश्चय योजनाओं को नगर निकाय के माध्यम से पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हर घर में शौचालय हो। शौचालय के लिये केन्द्र सरकार चार हजार रूपये दे रही है तो राज्य सरकार आठ हजार रूपये देती है ताकि शौचालय का निर्माण पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि हम हर घर को शौचालय देंगे। हर गली का पक्कीकरण एवं नाली का निर्माण होगा। हर घर में बिजली का कनेक्शन के अन्तर्गत घरेलू कनेक्शन राज्य सरकार अपने खर्च से देगी। ठोस कचरा प्रबंधन के अन्तर्गत घर-घर से कचरा का संग्रह किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद भी काम करते रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि मुझको आज किसी एक कार्य के चलते अपना सिर झुकाना पड़ता है तो वह है शहर की सफाई। उन्होंने कहा कि योजना एवं धन की कमी नहीं है, सबको मिलकर काम करना है। अगले साल नगर निकाय के चुनाव होंगे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एवं नगर निकाय चुनाव निर्दलीय होता है। राजनीतिक दलों के माध्यम से चुनाव हुआ रहता तो राजनीतिक दल सफाई मंे सहयोग करता। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के लिये बनी संसद की संयुक्त समिति में हम सदस्य थे। हम पंचायती राज व्यवस्था के हिमायती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना नगर निगम के सफाई संबंधी कार्यों को पटना के मेयर शीघ्र पूरा करें। उन्हंे लक्ष्य निर्धारित करना पड़ेगा कि एक साल के अंदर एक भी कचरा नहीं रहने देंगे। हमने भी यह लक्ष्य निर्धारित किया था कि बिहार के किसी कोने से चलकर छह घंटा में राजधानी पहुॅचना है। अब पाॅच घंटा में हम राजधानी पहुॅचने का लक्ष्य निर्धारित किये हैं, इसके लिये विभिन्न पुल/पुलियों और ग्रामीण सड़क का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे यहाॅ 12.5 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर थे। आज 0.86 प्रतिशत मात्र बच्चे ही स्कूल से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि हमने नगर निकाय एवं नगर निगम को ताकतवर बनाया है। उन्होंने कहा कि भूज में भूकम्प के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री के रूप में जब हम भूज गये थे और अधिकारियों के साथ बैठक किया था तो बैठक के बाद अधिकारियों ने कहा कि अगर भूज की तरह 6.8 रिक्टर पैमाने पर बिहार में भूकम्प आयेगा तो कम से कम पाॅच लाख लोग काल कल्वित हो जायेंगे। लोग बिना समझे कहीं भी, किसी प्रकार का मकान बना लेते हैं। मकान के नक्शा पास करने में नगर निगम को इन बातों को ध्यान रखना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग यह समझने लग जाते हैं कि हम पावरफुल हैं। हम अपने काम से इज्जत प्राप्त कर सकते हैं। पावरफुल लोग काम से होता है। काम के बदौलत लोगों के दिल में जो जगह बन जाता है, उससे बड़ी कोई शक्ति नहीं होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदर्श नगर निकाय प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर निकाय को प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कामों में पैसे की कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि मेयर सहित नगर निगम में प्रतिनियुक्त सभी सरकारी कर्मियों को मिल-जुलकर काम करना चाहिये। अधिकारियों को अपने कामों को नियमपूर्वक करते हुये उसे उपस्थापित करना है, निर्णय जन-प्रतिनिधि को ही लेना है। अधिकारियों का काम है विकास के कार्यों को क्रियान्वित करना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें स्मार्ट सिटी की चिन्ता नहीं है। एक स्मार्ट सिटी को पाॅच साल में केन्द्र सरकार पाॅच सौ करोड़ रूपये देगी। प्रतिवर्ष एक सौ करोड़ रूपये देगी। इससे स्मार्ट सिटी को क्या होगा। हमलोग बात करने में स्मार्ट नहीं हैं, काम करने में स्मार्ट हैं। हम स्मार्ट गाॅव बनायेंगे। केन्द्र सरकार द्वारा एक सौ शहर को स्मार्ट सिटी के लिये चयन किया जाना था। उन्होंने बीस शहरों का चयन किया। कई राज्यों की राजधानी छूट गयी। एक सौ करोड़ रूपये से एक शहर एक साल में कितना समार्ट होगा। उन्होंने कहा कि पंचम आयोग की अनुशंसा को हम लागू कर रहे हैं, इसके तहत हम आठ हजार करोड़ रूपये देंगे। हमारा अरबन बाॅडी मजबूत होगा तो लोगों का सटिसफैक्शन स्तर मजबूत होगा। नगर विकास विभाग, बुडको एवं जल पर्षद के अतिरिक्त शहरी अभियंत्रण संगठन बना रहा है, जो नगर निकाय के लिये अभियंत्रण क्षेत्र में काफी लाभप्रद होगा।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री श्री चन्द्रिका राय एवं नगर विकास मंत्री श्री महेश्वर हजारी ने भी सारगर्भित ढ़ंग से सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधान सचिव नगर विकास श्री अमृत लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को फुलों का गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने ई-म्यूनिसपेलिटी पत्रिका का लोकार्पण किया तथा बुद्धा समृति पार्क से संबंधित डाॅक्यूमेंट्री देखा।
इस अवसर पर प्रधान सचिव नगर विकास श्री अमृत लाल मीणा ने स्वागत भाषण किया। प्रधान सचिव परिवहन श्रीमती सुजाता चतुर्वेदी ने परिवहन निगम के विकास पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रबंध निदेशक बुडको श्री नरेन्द्र कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।