पटना, 28 फरवरी 2016:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज बी0एम0पी0- 05 में आयोजित बिहार पुलिस सप्ताह 2016 के समापन समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि राज्य में शराबबंदी चरणबद्ध तरीके से लागू की जायेगी। एक अप्रील से ग्रामीण अंचल में देशी/मसालेदार/विदेशी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगेगा। नई उत्पाद नीति लागू होगी, सरकार के इस निर्णय को लागू करने में पुलिस एवं उत्पाद विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण है, इस कार्य में जन सहयोग। जन सहयोग के लिये जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग इसका समन्वय कर रहा है, इसके तहत घर-घर पहुॅचकर लोगों को शराब की बुराइयों से अवगत कराया जायेगा। शराब के कारण गरीबांें की गाढ़ी कमाई का पैसा बर्बाद होता है तथा इसका नुकसार घर की महिलाओं को भुगतना पड़ता है। महिलाओं की माॅग पर वर्तमान सरकार ने वादा के अनुरूप राज्य में चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। इसे प्रभावकारी तरीके से लागू किया जायेगा। अवैध शराब की भट्ठियों को समाप्त किया जायेगा। इसके लिये पुलिस महानिदेशक के कार्यालय में 24ग7 काॅल सेन्टर एवं हेल्पलाइन चालू किया जायेगा, जिस पर राज्य के किसी कोने से अवैध शराब से संबंधित जानकारी दी जा सकेगी। प्राप्त शिकायत पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में शराबबंदी के लिये संबंधित राज्य सरकारों को पत्र लिखकर सहयोग की माॅग की गयी है तथा संबंधित सरकारों से सहयोग का आश्वासन भी मिला है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कानून में कठोर प्रावधान किये जायेंगे, इसके लिये संशोधन का प्रस्ताव विधानमण्डल के चालू सत्र में लाया जायेगा परन्तु इन सबके बावजूद जन सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। सबके सहयोग से इस अभियान में सफलता हासिल होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का कार्य कठिन है, विधि-व्यवस्था संधारण, अपराध नियंत्रण एवं इससे संबंधित अन्य कार्य का निवर्हन पुलिस का दायित्व है। पुलिस के कार्यों की समीक्षा के लिये सरकार ने साढ़े सोलह घंटे बैठक की। सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये, जिसे समय-सीमा के अंदर लागू किया जायेगा। इनके लागू होने से पुलिस का स्वरूप बदलेगा। पुलिस के लिये आधारभूत संरचना और आधुनिकीकरण का कार्य चल रहा है, इसके लिये पैसां की कमी नहीं होने दी जायेगी। हर हाल में पुलिस को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश किया जायेगा ताकि पुलिस और अधिक प्रभावकारी ढ़ंग से काम कर सके। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज है और कानून का राज रहेगा। जनता के इस भरोसे को हर हाल में कायम रखना है। उन्होंने कहा कि पुलिस में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। महिलाओं के लिये बैरक का निर्माण, प्रत्येक थाने में महिलाओं के रहने की व्यवस्था, शौचालय आदि का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जा रहा है ताकि महिला पुलिसकर्मियों को काम करने में कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस के कार्य के लिये हेलीकाॅप्टर की भी व्यवस्था की जा रही है। पुलिस को बेहतर प्रशिक्षण मिले, इसके लिये भी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष विश्लेषण में यह बात आई है कि बिहार में पुलिस का रिस्पांस टाइम काफी अच्छा है, इसे और बेहतर बनाने की जरूरत है। इस तेवर को बनाये रखना है। आप अपने दायित्व का निवर्हन प्रभावकारी ढ़ंग से करें, सरकार हरसंभव मदद के लिये तैयार है। उन्होंने कहा कि पुलिस नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। उन्होंने संख्या बल के आधार पर पुलिस मेस चलाने का सुझाव भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सप्ताह के आयोजन में अनेक प्रकार की गतिविधियाॅ होती है। अनुभवी एवं विशेषज्ञों के विचार से अवगत होते हैं। नागरिक संवाद का आयोजन होता है, आपसी विचार-विमर्श होता है, इससे काफी लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री ने समारोह में पुलिस स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार से पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवा पदक से कई पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। मद्य निषेध विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के चयनित छात्र-छात्राओं को भी मुख्यमंत्री के कर कमलों द्वारा पारितोषिक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चयनित छात्र-छात्राओं की चित्रकला का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री को पुलिस महानिदेशक की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किया गया, जिसका विषय था खुशहाली की ओर। यह मद्य निषेध पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आयोजित परेड का निरीक्षण किया तथा सलामी ली।
समारोह में प्रधान सचिव गृह श्री आमिर सुबहानी समेत पुलिस के वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा पुलिसकर्मी शामिल थे। आगत अतिथियों का स्वागत पुलिस महानिदेशक श्री पी0के0 ठाकुर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय श्री सुनील कुमार ने किया।

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